उफ़! बेवफाई के खुदा कुछ तो रहम बरफा
लुट चूका हूँ,अब भी कुछ बचा है मेरी तरफा
वो मुझ पर छाए जैसे धरती पर काली घटा
कहर में डूबा हुवा हूँ, कुछ तो रहम बरफा
मिलने का वादा करके वो हवा से हो गए है
पत्थर बनी है आंखें, कुछ तो रहम बरफा
हर तरफ जलवे और रानाइयां मौजूद है
तकदीर है शबे-गम, कुछ तो रहम बरफा
नसीब में थी इतनी खुशी कि झोली भर गयी थी
दूजे पल का हूँ दाईम, कुछ तो रहम बरफा
वो मेहरबां नजर दिल फिर हराभरा करे
जुबां पर जफा है 'साथी', कुछ तो रहम बरफा
सैनपाल 'साथी'
Tuesday, October 27, 2009
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